CG News: छत्तीसगढ़ में किसान प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया, जिसके बाद राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए तहसीलदार (Tehsildar Suspension) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह मामला बलौदाबाजार भाटापारा जिले का है, जहां तहसीलदार कुणाल सवैंया पर किसान से दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगा था। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया और जांच के आदेश दिए गए थे।
क्या है पूरा मामला?
घटना 12 मार्च की है, जब सुहेला तहसील कार्यालय में किसान हीरालाल साहू (Kisan Protest) ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
किसान का आरोप था कि तहसीलदार कुणाल सवैंया ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और उसकी जमीन से जुड़े मामले में न्याय नहीं दिया। इस घटना के बाद किसान की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज रायपुर के एक निजी अस्पताल में जारी है।
सरकार की त्वरित कार्रवाई
इस घटना के बाद राज्य सरकार ने तत्परता दिखाते हुए तहसीलदार कुणाल सवैंया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
छत्तीसगढ़ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव अन्वेष घृतलहरे ने उनके निलंबन (Suspension Order) का आदेश जारी किया। यह निलंबन छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत किया गया है।
राजनीतिक दबाव और जांच कमेटी
इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था। कांग्रेस (Congress Inquiry) ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए एक जांच कमेटी गठित की थी, जिसके बाद सरकार पर दबाव बढ़ा। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की गई।