जब हम कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो उसकी रजिस्ट्री (Property Registry) कराना सबसे जरूरी काम मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रजिस्ट्री के बाद भी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बाकी रहती है?
अगर यह काम नहीं किया गया तो आपकी प्रॉपर्टी पर किसी और का दावा हो सकता है और कानूनी झंझटों में फंस सकते हैं। आइए जानते हैं कि रजिस्ट्री के बाद कौन-सा जरूरी काम करना होता है।
रजिस्ट्री के बाद यह गलती पड़ सकती है भारी
अक्सर लोग सोचते हैं कि प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री (Property Registration) हो जाने के बाद वे उसके कानूनी मालिक बन जाते हैं। लेकिन असलियत यह है कि रजिस्ट्री के बाद भी संपत्ति को अपने नाम पर पूरी तरह से ट्रांसफर कराना जरूरी होता है।
अगर आप यह काम नहीं करते, तो आपकी प्रॉपर्टी पर भविष्य में विवाद खड़ा हो सकता है और आप कानूनी लड़ाई में उलझ सकते हैं।
रजिस्ट्री के बाद क्यों जरूरी है नामांतरण?
रजिस्ट्री कराने के बाद संपत्ति का नामांतरण (Mutation of Property) कराना आवश्यक होता है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें सरकारी रिकॉर्ड में पुराने मालिक का नाम हटाकर नए मालिक का नाम जोड़ा जाता है।
अगर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो संपत्ति का स्वामित्व (Property Ownership) अभी भी पिछले मालिक के नाम पर बना रहेगा।
👉 नामांतरण के फायदे:
✔ सरकारी रिकॉर्ड में मालिकाना हक पक्का होता है।
✔ भविष्य में संपत्ति विवाद से बचाव होता है।
✔ संपत्ति पर किसी अन्य व्यक्ति का दावा नहीं बनता।
✔ बैंक से लोन लेने में आसानी होती है।
बिना नामांतरण इन समस्याओं का करना पड़ सकता है सामना
अगर आप रजिस्ट्री के बाद नामांतरण नहीं कराते हैं, तो आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए:
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डबल सेलिंग (Double Selling) का खतरा: कई मामलों में देखा गया है कि एक ही संपत्ति को एक से अधिक लोगों को बेच दिया गया। अगर नामांतरण नहीं हुआ है, तो कानूनी रूप से आपकी स्थिति कमजोर हो सकती है।
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बैंक लोन की दिक्कत: अगर आपने नामांतरण नहीं कराया है, तो बैंक संपत्ति को कानूनी रूप से आपकी मान्यता नहीं देगा और आपको लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है।
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लीगल विवाद: भविष्य में यदि संपत्ति पर कोई विवाद होता है, तो आपके पास कोई ठोस कानूनी प्रमाण नहीं रहेगा कि वह संपत्ति आपकी है।
प्रॉपर्टी का असली मालिक बनने के लिए क्या करें?
अगर आप चाहते हैं कि आपकी संपत्ति पर पूरी तरह से आपका हक हो, तो निम्नलिखित स्टेप्स को जरूर फॉलो करें:
✅ रजिस्ट्री के तुरंत बाद स्थानीय नगर निगम या तहसील में जाकर नामांतरण (Mutation) की प्रक्रिया शुरू करें।
✅ संपत्ति से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें, जैसे कि सेल डीड (Sale Deed), स्टाम्प पेपर और रजिस्ट्री की कॉपी।
✅ नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह सुनिश्चित करें कि सरकारी रिकॉर्ड में आपका नाम सही तरीके से अपडेट हो गया है।
बिना नामांतरण नहीं मिलता कानूनी हक
रजिस्ट्री केवल स्वामित्व हस्तांतरण का प्रमाण होता है, लेकिन कानूनी रूप से संपत्ति के मालिक बनने के लिए नामांतरण जरूरी है।
जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक पुराने मालिक के अधिकार बने रहते हैं और आपकी स्थिति कमजोर हो सकती है। इसलिए, प्रॉपर्टी खरीदने के बाद इसे सुरक्षित रखने के लिए जल्द से जल्द नामांतरण करवाएं।