केंद्र सरकार (Central Government) समय-समय पर विभिन्न वर्गों के लिए लाभकारी योजनाएं लेकर आती रहती है। इन्हीं में से एक योजना है प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana), जो विशेष रूप से कारीगरों और शिल्पकारों के लिए बनाई गई है।
इस योजना के तहत 5% की रियायती ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का लोन (Loan at 5% interest) प्रदान किया जाता है। अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो जानिए आवेदन की प्रक्रिया और मिलने वाले फायदों के बारे में।
PM विश्वकर्मा योजना क्या है?
PM विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य देश के कारीगरों और शिल्पकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को 1 लाख रुपये (पहली किस्त) और 2 लाख रुपये (दूसरी किस्त) तक का गिरवी-मुक्त लोन मिलता है। इस लोन पर सिर्फ 5% ब्याज दर लागू होती है, जबकि सरकार 8% तक का ब्याज अनुदान देती है।
योजना के तहत लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र (PM Vishwakarma Certificate) और विशेष आईडी कार्ड (ID Card) भी दिया जाता है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी लाभ और सुविधाएं मिल सकें।
योजना के मुख्य लाभ
- 5% की रियायती ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का लोन।
- 15,000 रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन।
- स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग के अवसर।
- डिजिटल ट्रांजैक्शन और मार्केटिंग सपोर्ट।
- बायोमेट्रिक-आधारित पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर निःशुल्क रजिस्ट्रेशन।
कौन कर सकता है आवेदन?
PM विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) विशेष रूप से देश के कारीगरों और शिल्पकारों के लिए बनाई गई है।
इसमें बढ़ई, लोहार, कुम्हार, मोची, दर्जी, नाई, मूर्तिकार, राजमिस्त्री, टोकरी बुनकर, और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले कारीगरों को शामिल किया गया है। यह योजना स्कूल छोड़ने वालों से लेकर एम.टेक डिग्री धारकों तक के लिए खुली है।
कैसे करें आवेदन?
PM विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) में आवेदन करने के लिए लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए बायोमेट्रिक प्रक्रिया का उपयोग किया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन के बाद, लाभार्थी को एक प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर वह लोन और अन्य लाभ प्राप्त कर सकेगा।
योजना का उद्देश्य
PM विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) का मुख्य उद्देश्य देश के कारीगरों और शिल्पकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
इस योजना के माध्यम से कारीगरों को न केवल सस्ते दर पर लोन मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने कौशल को और निखारने का मौका भी मिलेगा।