No Fuel for Old Vehicles from April 1 in Delhi: लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। 1 अप्रैल 2025 से 15 साल से ज्यादा पुरानी पेट्रोल गाड़ियों और 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल गाड़ियों को पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी घोषणा की और बताया कि यह कदम वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाया गया है।
पेट्रोल पंपों पर ऐसे उन्नत उपकरण (Advanced Devices) लगाए जाएंगे, जो पुरानी गाड़ियों की पहचान कर उन्हें ईंधन देने से रोकेंगे।
कैसे होगी पुरानी गाड़ियों की पहचान?
दिल्ली सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह नियम प्रभावी रूप से लागू हो, पेट्रोल पंपों पर विशेष उपकरण (Device) लगाने का निर्णय लिया है। ये उपकरण गाड़ियों की उम्र की पहचान करेंगे और पुरानी गाड़ियों (Old Vehicles Ban in Delhi) को पेट्रोल-डीजल देने से रोकेंगे।
इस कदम से लाखों वाहन मालिक प्रभावित होंगे। सरकार जल्द ही इस संबंध में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) को सूचित करेगी।
दिल्ली की हवा होगी साफ!
राजधानी में प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index – AQI) लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण पुरानी गाड़ियां हैं, जो अधिक धुआं और जहरीली गैसें उत्सर्जित करती हैं। इस निर्णय के लागू होने से दिल्ली की हवा में सुधार आने की उम्मीद है।
कितने वाहन होंगे प्रभावित?
इस नए नियम का असर लाखों गाड़ियों पर पड़ेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में लगभग 55 लाख वाहन (Delhi Old Vehicles) इस नियम के दायरे में आएंगे। इनमें:
- 66% दोपहिया वाहन (Two-Wheelers)
- 54% चार पहिया वाहन (Four-Wheelers) शामिल हैं। सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से वाहन मालिकों को अपनी पुरानी गाड़ियों का स्क्रैपिंग (Scrappage Policy) करवाना पड़ सकता है या फिर इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) की ओर रुख करना होगा।
वाहन मालिकों के लिए क्या विकल्प हैं?
सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे:
- पुरानी गाड़ियों का पंजीकरण रद्द करवा सकते हैं।
- गाड़ी को स्क्रैप पॉलिसी के तहत कबाड़ में बदल सकते हैं।
- सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) पर स्विच कर सकते हैं।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा उपयोग करें।
क्या है सरकार की योजना?
दिल्ली सरकार जल्द ही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को इस बारे में नोटिफिकेशन भेजेगी। इसके बाद दिल्ली के 425+ पेट्रोल पंपों को इस नियम को लागू करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। पेट्रोल पंपों पर आधुनिक पहचान प्रणाली लगाई जाएगी, जिससे पुराने वाहनों की पहचान की जा सकेगी।
2 Comments
Jo grib hai o purana ka to uj karenge hi Usshe pahle raishmil or bh kuchh kampani karkhana or bhi bade pradushit companies hai use band kana hoga
Or bhi bat 15 sal ho gaya to Sarkar ko bhi badalna hoga kya hai ki ak hi sarkar dushid or pryavarand ko or samaj ko jyada dushid karta hai