केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से रुके हुए महंगाई भत्ते (DA Arrear) को लेकर नया अपडेट सामने आया है।
सरकार जल्द ही 18 महीने के बकाया डीए (DA) को जारी कर सकती है। कर्मचारी संगठनों की मांग के बीच सरकार ने इस पर अपना रुख साफ कर दिया है।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी का पिटारा खुलने वाला है? साल 2025 में नया वेतन आयोग और टैक्स में राहत के बाद अब 18 महीने का बकाया डीए (DA Arrear) भी कर्मचारियों के खाते में आने की उम्मीद जगी है।
क्यों रुका था 18 महीने का डीए?
साल 2020 में कोरोना महामारी (Corona Period) ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। आर्थिक संकट के चलते सरकार ने जनवरी 2020 से जुलाई 2021 तक का डीए (DA Hike) रोक दिया।
यह तीन छमाही किस्तों का बकाया था। उस वक्त महंगाई से जूझ रहे कर्मचारियों (Central Employees) के लिए यह बड़ा झटका था। अब कर्मचारी इस राशि को एरियर सहित मांग रहे हैं।
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सरकार ने दिया बड़ा संकेत
केंद्र सरकार ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि 18 महीने के रुके हुए डीए (Dearness Allowance) के भुगतान को लेकर कोई प्रस्ताव पेंडिंग नहीं है।
हालांकि, कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस पर कोई बड़ा ऐलान कर सकती है। ठीक वैसे ही, जैसे जनवरी 2024 में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को मंजूरी दी गई थी।
कब तक मिलेगा बकाया डीए?
कर्मचारियों को उम्मीद है कि जनवरी 2025 के डीए अपडेट (DA News) के साथ ही 18 महीने का बकाया भी मिलेगा। कुछ का मानना है कि 8वें वेतन आयोग (8th CPC Latest News) के साथ यह राशि एकमुश्त दी जा सकती है।
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फिलहाल, सरकार ने इस पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन कर्मचारी संगठन दबाव बनाए हुए हैं।
कर्मचारी क्यों कर रहे हैं मांग?
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह बकाया डीए (DA Arrear update) उनकी मेहनत का हक है। महंगाई के इस दौर में यह राशि उनके लिए बहुत जरूरी है।
उनकी मांग है कि सरकार इसे तीन किस्तों में दे दे, ताकि खजाने पर बोझ भी न पड़े। कर्मचारी लंबे समय से इसके लिए आवाज उठा रहे हैं।
कर्मचारियों की उम्मीद बरकरार
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि सरकार इस बकाया राशि को तीन किस्तों में जारी करे, जिससे वित्तीय दबाव भी न बढ़े और कर्मचारियों को उनका हक भी मिल जाए। अब सबकी निगाहें सरकार की आगामी घोषणाओं पर टिकी हैं।
उम्मीद की जा रही है कि मार्च के अंत या अप्रैल 2025 की शुरुआत में इस मुद्दे पर कोई ठोस फैसला लिया जा सकता है।