Bank Closed News: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समय-समय पर बैंकों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है और अनियमितताओं की स्थिति में कड़े फैसले लेता है। हाल ही में, RBI ने एक और बैंक का लाइसेंस रद्द करने का निर्णय लिया है। यह बैंक 6 फरवरी 2025 से पूरी तरह से बंद हो गया है।
RBI के इस फैसले से बैंक के हजारों ग्राहकों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि जमाकर्ताओं की जमा राशि को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
2025 में अब तक कितने बैंकों पर गिरी गाज?
इस साल RBI ने अब तक 27 बैंकों पर जुर्माना लगाया है और 10 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। 2024 में भी 12 बैंकों के लाइसेंस रद्द किए गए थे।
RBI बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है। कुडालूर और विल्लुपुरम DCCB बैंक को 2020 में लाइसेंस मिला था, लेकिन केवल 5 साल में ही नियमों का पालन न करने के कारण इसे बंद करना पड़ा।
बैंक का लाइसेंस रद्द होने का क्या मतलब है?
जब RBI किसी बैंक का लाइसेंस रद्द करता है, तो वह बैंक अब नया डिपॉजिट नहीं ले सकता, कर्ज नहीं दे सकता, डेबिट कार्ड जारी नहीं कर सकता और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रदान नहीं कर सकता।
हालांकि, RBI ने इस बैंक को गैर-बैंकिंग संस्थान (Non-Banking Entity) के रूप में कार्य करने की अनुमति दी है, जिससे यह बैंक कुछ सीमित सेवाएं जारी रख सकेगा।
ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि बैंक में जमा ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?
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RBI के अनुसार, जमाकर्ताओं की जमा राशि सुरक्षित रहेगी।
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डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत प्रत्येक खाताधारक को 5 लाख रुपये तक की सुरक्षा मिलेगी।
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बैंक को गैर-सदस्यों की बिना दावा की गई राशि वापस लौटानी होगी।
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ग्राहक बैंक से संपर्क कर अपनी जमा राशि वापस ले सकते हैं।
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न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक पर भी RBI की कार्रवाई
मुंबई के न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक पर भी RBI ने कड़ी कार्रवाई की है। इस बैंक पर नया कर्ज देने, जमा लेने, पैसे निकालने और अन्य बैंकिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा, जब तक बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं होता। हालांकि, RBI ने ग्राहकों को आश्वासन दिया है कि उनकी जमा राशि पूरी तरह से सुरक्षित है।