8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है, जिससे 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को वेतन और पेंशन में भारी बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।
यह आयोग 2025 में गठित होगा और 2026 से लागू होने की उम्मीद है। चपरासी से लेकर कांस्टेबल और क्लर्क तक, सभी को अपनी नई सैलरी का इंतजार है।
फिटमेंट फैक्टर से कैसे बढ़ेगी सैलरी?
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के तहत फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) के आधार पर सैलरी में बढ़ोतरी की जाएगी। फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर (Multiplier) होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है।
7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, लेकिन इस बार इसे 2.86 करने की सिफारिश की गई है। अगर यह लागू होता है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकती है।
चपरासी से लेकर क्लर्क तक की सैलरी में कितना इजाफा होगा?
अगर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में फिटमेंट फैक्टर 2.86 तय होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों को सैलरी में भारी बढ़ोतरी मिलेगी।
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- चपरासी और अटेंडेंट: इनकी सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकती है।
- लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC): इनकी सैलरी 19,900 रुपये से बढ़कर 56,914 रुपये हो सकती है।
- कांस्टेबल: इनकी सैलरी 21,700 रुपये से बढ़कर 62,062 रुपये तक पहुंच सकती है।
- स्टेनोग्राफर और जूनियर क्लर्क: इनकी सैलरी 25,500 रुपये से बढ़कर 72,930 रुपये हो सकती है।
- सीनियर क्लर्क और तकनीकी कर्मचारी: इनकी सैलरी 29,200 रुपये से बढ़कर 83,512 रुपये तक हो सकती है।
पेंशनर्स को भी मिलेगा फायदा
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने से पेंशनर्स को भी फायदा मिलेगा। अगर नया फिटमेंट फैक्टर 2.86 लागू होता है, तो न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 25,740 रुपये तक हो सकती है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी।
कब से लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
सरकार ने 2025 में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की घोषणा कर दी है। यह जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। इससे पहले, 7वें वेतन आयोग को 2014 में गठित किया गया था और 2016 में लागू किया गया था।
सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार
अब सभी की नजरें सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। अगर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशें लागू होती हैं, तो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को सैलरी और पेंशन में बड़ा फायदा मिलेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और जीवनयापन आसान होगा।